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Eco tourism in Chhattisgarh

वन विभाग द्वारा बलौदाबाजार के  कसडोल ब्लॉक के  वनांचल क्षेत्र  में स्थित ग्राम अचानकपुर में  कृषि को ईको पर्यटन के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत अचानकपुर ग्राम में संचालित देवहिल नेचर रिसॉर्ट  के साथ गांव के कृषकों को परंपरागत फसल जैसे कोदो , सुगंधित धान की वैरायटी– विष्णुभोग एवं दुबराज की खेती के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है l

वनमंडल अधिकारी  गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में एसीएफ (प्रशिक्षु) गजेन्द्र वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी श्री संतोष कुमार पैकरा एवं बीएफओ  योगेश सोनवानी  द्वारा ग्रामीणों को इस पहल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैl संयुक्त वन प्रबंधन समिति के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया गया जिससे न केवल वनों के संरक्षण बल्कि स्थानीय आजीविका और पोषण सुरक्षा को भी बल मिलेगा।साथ ही यह क्षेत्र अब कृषि पर्यटन के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ आने वाले पर्यटक परंपरागत कृषि पद्धतियों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे, समझ सकेंगे और अनुभव भी कर सकेंगे। इससे न केवल जैविक उत्पादों की माँग बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कृषि विरासत का भी प्रचार प्रसार होगा l जैविक खेती से जहां एक ओर मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है, वहीं रासायन मुक्त फसलें मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती हैं। इन जैविक उत्पादों से तैयार खाद्य पदार्थों को देव हिल नेचर रिसॉर्ट पर्यटन में उपयोग किया जाएगा, जिससे कृषि-पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्राम अचानकपुर के कृषक रामसिंह बरिहा, पानसिंह बरिहा, फूलसिंह बरिहा, रामायण बरिहा सहित कई कृषकों द्वारा विष्णुभोग, दुबराज, कोदो, देसी अरहर की खेती करना प्रारंभ किया है l किसानों ने विशेष उत्साह के साथ बीजों की बुवाई शुरू की और जैविक पद्धति को अपनाते हुए खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए हैं।

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