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Dhan Uthav 2025-26

धान खरीदी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में उपार्जित धान का उठाव तीव्र, सुव्यवस्थित और पूरी तरह किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व, स्पष्ट दिशा-निर्देशों और संवेदनशील किसान-केंद्रित दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जिले में धान उठाव कार्य निरंतर सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है, जिससे उपार्जन केंद्रों से धान का सुरक्षित, समयबद्ध और व्यवस्थित परिवहन सुनिश्चित हो रहा है।
जिले में अब तक कुल 6.77 लाख क्विंटल से अधिक धान का उपार्जन किया जा चुका है, जिसमें से अब तक 1 लाख 43 हजार क्विंटल से अधिक धान का सफल उठाव पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल उपार्जित मात्रा का लगभग 21.19 प्रतिशत है। वर्तमान स्थिति में उपार्जन केंद्रों में 5 लाख 34 हजार 239.40 क्विंटल धान शेष है, जिसके उठाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा चरणबद्ध और सुनियोजित कार्ययोजना के तहत सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं तथा शेष धान का उठाव भी शीघ्र गति से सुनिश्चित किया जाएगा।
केंद्रवार उठाव की स्थिति पर नजर डालें तो कछोड़, केल्हारी, कटकोना, कोड़ा, कौड़ीमार, खड़गवां, बरदर, चैनपुर, रतनपुर, कुँवारपुर, घुटरा, कठौतिया, नागपुर, बंजी, जनकपुर, डोडकी, बरबसपुर और माड़ीसरई जैसे उपार्जन केंद्रों में हजारों क्विंटल धान का सफल परिवहन किया जा चुका है। वहीं कमर्जी, कोटाडोल, रापा, सिंगहत, कंजिया, बहरासी और सिंगरौली उपार्जन केंद्रों में फिलहाल उठाव शून्य है, लेकिन इन सभी केंद्रों में परिवहन, भंडारण और तकनीकी व्यवस्थाएँ पूरी तरह सुनिश्चित कर दी गई हैं और आने वाले दिनों में यहां भी धान उठाव की रफ्तार तेज की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में धान उठाव को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर किसानों के विश्वास, सम्मान और हित से जुड़ा दायित्व माना जा रहा है। इसी कारण जिला प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रत्येक उपार्जन केंद्र की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि शेष धान का उठाव समय पर, सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूर्ण किया जा सके। समग्र रूप से देखा जाए तो धान खरीदी वर्ष 2025-26 में जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की धान उठाव व्यवस्था एक सशक्त, सफल और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रही है, जो सुनियोजित कार्यप्रणाली, प्रभावी प्रशासनिक समन्वय और मुख्यमंत्री की किसान-हितैषी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

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