चक्रवात फेंगल का असर साउथ इंडिया के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पुडुचेरी के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। इसका असर मध्यप्रदेश-छ्त्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है। मप्र में कड़ाके की ठंड के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं इस बीच उत्तर भारत में मौसम सामान्य है दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब पर चक्रवाती तूफान का कोई खास असर नहीं। यहां पहले से कहीं अधिक ठंड हो रही है। बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
भारत में ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ ही गंभीर चक्रवात फेंगल का आगमन शुरू हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर तमिलनाडु और पुडुचेरी में देखने को मिल रहा है। दोनों जगहों पर मौसम (Weather Update) भी बदल गया है।
भारी बारिश के साथ-साथ तेज हवा भी चल रही है। मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात फंगल ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। हवा की गति 70-80 किमी प्रति घंटा है। भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसका असर मध्यप्रदेश-छ्त्तीसगढ़ (MP WEATHER) में भी देखने को मिल रहा है। बता दें कि मप्र में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया है। इस सीजन में यह सबसे कम है।
शिमला, देहरादून, मंडी और धर्मशाला जैसे हिल स्टेशन से भी पचमढ़ी ठंडा रहा। हालत यह है कि नौगांव भी शिमला से ठंडा रहा। भोपाल में रात का तापमान थोड़ा बढ़कर 10.4 पर पहुंच गया। वहीं दिन में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया।
इन जिलों में बारिश का अनुमान
चक्रवात फेंगल की वजह से मप्र के बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी सहित आसपास के इलाकों में 3 दिसंबर से 2 या 3 दिन हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान भोपाल सहित आसपास के कुछ इलाकों में बादल छा सकते हैं।
CG में चक्रवात का असर
मौसम विभाग ने पूर्व में शनिवार को हल्की बारिश की संभावना जताई थी, जिसके अनुसार आज शहर में हल्की बारिश हुई। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी बौछारें पड़ी हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में हुई इस बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।
किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि धान खरीदी केंद्रों में धान गीला होने की संभावना है। बारिश से धान में नमी आ जाने पर उसे खरीदी केंद्रों में स्वीकार करने से पहले मापने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
स्कूलों का समय बदला
ज्यादा ठंड की वजह से बलरामपुर और मनेंद्रगढ़ सहित कई जिलों में स्कूलों का समय बदला गया है। रायपुर में अभी शीतलहर नहीं चली है। जो स्कूल डबल शिफ्ट में चलते हैं, वहां सुबह बड़े बच्चों की क्लास और दोपहर में छोटे बच्चों की क्लास लग रही हैं।