छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन नए मंत्रियों को शामिल किया है। बुधवार को राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विधायक राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही साय मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, जो संवैधानिक प्रावधानों के तहत 90 सदस्यीय विधानसभा के 15 प्रतिशत के हिसाब से अधिकतम सीमा है। शपथ ग्रहण के बाद ही नए मंत्रियों को विभाग भी सौंप दिए गए। गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि गुरु खुशवंत साहेब को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग सौंपा गया है। वहीं, राजेश अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
साय सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार के साथ पहली बार के विधायकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि आज शपथ लेने वाले तीनों मंत्री पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। राजेश अग्रवाल ने 2023 विधानसभा चुनाव में अंबिकापुर सीट से तत्कालीन उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को महज 94 वोटों से हराकर बड़ी जीत हासिल की थी। इसी जीत ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दिलाने का रास्ता खोला। अग्रवाल पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और 2018 में भाजपा में शामिल हुए थे।
गुरु खुशवंत साहेब आरंग विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बने और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को 16,538 मतों से हराकर राजनीति में मजबूत एंट्री की। वह सतनामी समाज से आते हैं और महान संत गुरु घासीदास के वंशज हैं। इस समाज की छत्तीसगढ़ में गहरी पैठ है और उनके मंत्री बनने से पार्टी ने जातीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
वहीं, गजेंद्र यादव दुर्ग शहर से विधायक हैं और उन्होंने कांग्रेस नेता अरुण वोरा को 48,697 मतों से हराया। यादव ओबीसी समाज से आते हैं, जो राज्य में बड़ी संख्या में निवास करता है। उनके पिता बिसरा राम यादव आरएसएस के प्रांत संघचालक रह चुके हैं, जबकि खुद गजेंद्र यादव भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।
साय मंत्रिमंडल में अब कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें सात ओबीसी, तीन एसटी, दो एससी और दो सामान्य वर्ग से हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एकमात्र महिला मंत्री हैं। क्षेत्रीय समीकरण की बात करें तो सरगुजा संभाग से पांच, बिलासपुर संभाग से तीन, रायपुर और दुर्ग संभाग से दो-दो तथा बस्तर संभाग से एक सदस्य मंत्रिमंडल में शामिल है। इससे साफ है कि भाजपा ने नए मंत्रियों की नियुक्ति में अनुभव के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा है।