छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर हाईकोर्ट (BIlaspur Highcourt) ने छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती (Chhattisgarh Police Constable Resruitment) प्रक्रिया पर लगी रोक को हटा दिया है. जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय (Rakesh Mohan Pandey) की बेंच में हुई सुनवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का आदेश दिया गया है. यह फैसला राज्य के हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है.
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने 2023-24 कोआरक्षक के 5967 पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था. भर्ती के लिए लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन पुलिसकर्मियों के बच्चों को दी गई विशेष छूट के कारण भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती दी गई.
डीजीपी ने किया था संशोधन
भर्ती प्रक्रिया के दौरान डीजीपी ने संशोधन करते हुए पुलिस विभाग के सभी कर्मियों के बच्चों को विशेष छूट देने का प्रावधान किया था. यह छूट पहले केवल शहीद पुलिसकर्मियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के बच्चों तक ही सीमित थी. संशोधन के बाद सभी पुलिसकर्मियों के बच्चों को छूट देने से कई अभ्यर्थियों ने इसे अनुचित और असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
हाईकोर्ट ने फैसले में ये कहा
हाईकोर्ट ने संशोधित प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 16 (समान अवसर का अधिकार) का उल्लंघन करार दिया. कोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में केवल शहीद पुलिसकर्मियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों के बच्चों को छूट मिलनी चाहिए, जबकि अन्य सभी अभ्यर्थियों के लिए समान नियम लागू होंगे.इसके साथ ही हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं. यानी अब फिजिकल टेस्ट के बाद सभी का मेरिट के आधार पर चयन होगा.
भर्ती प्रक्रिया पर सरकार और पुलिस विभाग का रुख
सरकार और पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत किया है. पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है. इससे आरक्षण और विशेष छूट के विवादों को सुलझाने में भी मदद मिलेगी, जिससे योग्य अभ्यार्थियों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा.