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जगदलपुर बस्तर में हरा सोना के नाम से मशहूर तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 20 अप्रैल से शुरू हो गया। बस्तर वृत्त के चार जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में इसके लिए वन विभाग पूरी तरह तैयारी कर चुकी है। मौसम में गर्मी को देखते हुए इस वर्ष अच्छे क्वालिटी के तेंदूपत्ता मिलने की संभावना है।

वन विभाग के अनुसार बस्तर में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य 20 अप्रैल से शुरू होकर पूरे मई तक चलेगा। ऐसे में अगर मौसम मेहरबान रहा तो समय रहते लक्ष्य पूरा हो सकता है। वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बस्तर को 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य मिला है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने संग्राहकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी थी लेकिन अब मौसम सामान्य हो चुका है। यही वजह है कि संग्राहक उत्साह के साथ तेंदूपत्ता संग्रहण में जुट गए हैं।

हरा सोना के रूप में मशहूर तेंदूपत्ता

तेंदूपत्ता को हरा सोना से भी अधिक कीमती माना जाता है। संग्राहक तेंदूपत्ता को सहेजने केे लिए पूरे परिवार के साथ जुटा रहता है। इसके पत्तों को तोड़कर सुखाने के बाद 50-50 पत्ते का गड्डी बनाते हैं। इसके एक हजार गड्डियों को मिलाकर एक मानक बोरा बनाते हैं।

वन विभाग द्वारा खरीदी की तैयारी पूरी

पूरे 20 साल बाद इस वर्ष राज्य सरकार तेंदूपत्ता की खरीदी करने वाली है। बस्तर वन वृत्त के अंतर्गत 2 लाख 70 हजार 600 मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी का लक्ष्य मिला है। इसके लिए वन विभाग 75 समिति और 1710 फड़ तैयार कर चुका है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों को पहले की तरह ही सहूलियत मिलेगी और आसानी से अपना तेंदूपत्ता बेच सकेंगे।

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