शहर के थानों में महिला पुलिस स्टाफ की भारी कमी है। खासकर महिला विवेचकों की ज्यादा कमी है। इससे दुष्कर्म, छेड़छाड़ पीड़िताओं के मुलाहिजा और एफआईआर, महिला आरोपी से पूछताछ आदि जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं।\
इमरजेंसी में दूसरे थानों के महिला स्टाफ बुलाना पड़ता है। वर्तमान में रायपुर के केवल दो थानों में महिला थाना प्रभारी हैं। गोलबाजार और महिला थाने में महिला टीआई हैं। इसके अलावा महिला एसआई, एएसआई, हवलदार और सिपाहियों की भी भारी कमी है।
CG News: ऐसे मामलों में ज्यादा परेशानी
अनाचार और छेड़छाड़ व महिला संबंधी अन्य अपराधों में एफआईआर, बयान, पूछताछ महिला हेड कांस्टेबल, एएसआई, एसआई या महिला टीआई ही करती हैं। इनकी अनुपस्थिति में महिला आरक्षक को साथ बैठाकर पुरुष अधिकारी भी एफआईआर ले सकता है। रायपुर जिले के 31 थानों में से 30 थानों में महिला स्टॉफ की कमी है। गिनी-चुनी महिला स्टॉफ से काम चलाया जा रहा है।
