स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ियों के पोषण आहार में कोदो, कुटकी व रागी के उपयोग पर चर्चारायपुर, छत्तीसगढ़ में मिलेट फसलों के उत्पादन, उपार्जन और उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोदो, कुटकी, रागी और मक्का के उपार्जन, फसल विविधीकरण तथा किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही मिलेट आधारित उत्पादों की मांग बढ़ाने और सरकारी पोषण कार्यक्रमों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण आहार कार्यक्रमों में मिलेट को शामिल करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। आंगनबाड़ियों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले पोषण आहार में इन कृषि उत्पादों के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इससे बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
फसल विविधीकरण और किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर
बैठक में कोदो, कुटकी, रागी और मक्का के उत्पादन एवं उपार्जन की आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। मिलेट फसलों के उपयोग को बढ़ावा देने से किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही सरकारी योजनाओं के माध्यम से इन उत्पादों की खपत बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले तथा कृषि एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कृषि, खाद्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से मिलेट फसलों के उत्पादन, उपार्जन और उपयोग को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।