रायपुर, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सूरजपुर में आयोजित मैराथन में करीब 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राजमोहनी माता चौक से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों मंत्री बाइक रैली में भी शामिल हुए और लोगों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की। जिला प्रशासन सूरजपुर और अपना हेल्प क्यूआर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का समापन साधुराम सेवा कुंज में हुआ। मैराथन में बच्चों, युवाओं और नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान विजेताओं को सम्मानित करने के साथ ‘रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर’ के लोगो का शुभारंभ भी किया गया।

सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है जिम्मेदारी

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन की रक्षा करने का संकल्प भी है। सड़क दुर्घटना का प्रभाव घायल व्यक्ति के साथ उसके पूरे परिवार पर पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपनी भागीदारी से समाज में सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यातायात नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, निर्धारित गति में वाहन चलाना और यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करते रहे हैं।

घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहन

स्वास्थ्य मंत्री ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने के लिए नागरिकों से आगे आने की अपील की। उन्होंने बताया कि पीएम राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। दुर्घटना में घायलों के लिए निर्धारित नियमों के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने अटल आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी साझा की।

‘अपना हेल्प क्यूआर’ से मिलेगी त्वरित सहायता

सूरजपुर जिले में ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य दुर्घटना या आपात स्थिति में जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करके नागरिक एम्बुलेंस और पुलिस से संपर्क कर सकते हैं, परिजनों को सूचना भेज सकते हैं और गलत पार्किंग की स्थिति में वाहन मालिक को अलर्ट कर सकते हैं। पहल में उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और पहचान की गोपनीयता का ध्यान रखने की बात कही गई है। जिले के ब्लाइंड स्पॉट पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने में आसानी हो।

समय पर मदद से बच सकती है जान

कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। ‘अपना हेल्प क्यूआर’ आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी पहल है। उन्होंने नागरिकों से सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने और दुर्घटना में घायलों की मदद करने की अपील की। कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, जनपद अध्यक्ष स्वाति सिंह, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, वनमंडलाधिकारी विपुल अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे। मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा की शपथ लेते हुए हेलमेट पहनने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और दुर्घटना में घायलों की सहायता करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षित यातायात और मानवीय सहयोग का संदेश दिया गया।

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