बलरामपुर। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बलरामपुर जिले के स्कूलों में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अलग-अलग रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की गईं। विकासखंड वाड्रफनगर के 52 संकुलों के करीब 450 विद्यालयों में हुए कार्यक्रमों में 32 हजार 706 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रमों में भाषण, चित्रकला, वाद-विवाद, मेंहदी और कबड्डी जैसी प्रतियोगिताएं कराई गईं। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों और चित्रों के जरिए स्वच्छ, शिक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना सामने रखी।
चित्रों में दिखाया विकसित भारत का सपना
वाड्रफनगर के साथ शंकरगढ़ और राजपुर में भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित हुईं। फुलीडूमर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में चित्रकला प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने रंगों के जरिए विकसित भारत की अपनी कल्पना को कागज और कैनवास पर उतारा।
विद्यार्थियों ने स्वच्छता, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समृद्धि जैसे विषयों को अपने चित्रों में शामिल किया। इससे उन्हें अपने विचारों और भविष्य के सपनों को रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का मौका मिला।
भाषण और वाद-विवाद में राष्ट्र निर्माण पर चर्चा
शंकरगढ़ के शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता और चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और विकसित भारत जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों, जनपद सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। वहीं सेजेस राजपुर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने कैनवास पर अपने विचारों को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कबड्डी और न्योता भोज ने जोड़ा सामाजिक जुड़ाव
वाड्रफनगर में प्रतियोगिताओं के साथ कबड्डी भी कराई गई। खेल के दौरान विद्यार्थियों ने टीम भावना और अनुशासन का परिचय दिया।
कार्यक्रमों के बीच न्योता भोज भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने एक साथ भोजन किया। आयोजन के जरिए सहभोज, आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने भोजन वितरण के दौरान स्वच्छता और अनुशासन का ध्यान रखा।
‘मेरे सपनों का भारत’ की गतिविधियों ने विद्यार्थियों को सिर्फ प्रतियोगिता का मंच ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें अपने विचार, रचनात्मकता और भविष्य के भारत की कल्पना साझा करने का अवसर भी मिला।
कार्यक्रमों में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि, अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद रहे।