ब्रेकिंग न्यूज़
गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश, FIR-चार्जशीट से लेकर ई-साक्ष्य और ई-समन की प्रक्रिया मजबूत करने पर जोर बलौदाबाजार में 150 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान, राजस्व मंत्री बोले- गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता छत्तीसगढ़ में QR कोड वाली व्यवस्था का एक साल: 7 लाख से ज्यादा स्कैन, अब गांव के लोग खुद देख रहे विकास कार्यों का हिसाब डिजिटल क्रांति की राह पर सारंगढ़-बिलाईगढ़, डिजिटल क्रॉप सर्वे में प्रदेश में अव्वल कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास और मेधा AI एवं मीडिया शोध केंद्र का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में सीमांकन की प्रक्रिया होगी डिजिटल, अब जमीन के सीमांकन के लिए नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर

रायपुर : गांव में सरकारी योजना के तहत कौन-सा काम हुआ, कितना भुगतान किया गया और उससे जुड़ी दूसरी जानकारी क्या है—अब इसके लिए ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत स्तर पर शुरू की गई QR कोड आधारित सूचना प्रणाली ने एक साल पूरा कर लिया है। इस दौरान QR कोड को 7 लाख से ज्यादा बार स्कैन किया गया। यानी औसतन हर दिन 2 हजार से अधिक लोगों ने इसके जरिए सरकारी कामकाज से जुड़ी जानकारी देखी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को सीधे आम लोगों तक पहुंचाना है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में लगाए गए QR कोड के जरिए लोग संबंधित पंचायत में योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में हुए कार्यों, भुगतान और अन्य जरूरी विवरण ऑनलाइन देख सकते हैं।

अब ‘सूचना मांगने’ के बजाय खुद देख रहे ग्रामीण

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जानकारी लेने के लिए ग्रामीणों को किसी अधिकारी या कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। पंचायत में लगे QR कोड को स्कैन करने के बाद संबंधित जानकारी सीधे सामने आ जाती है।

इससे ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की जन निगरानी भी मजबूत हुई है। ग्रामीण अपने क्षेत्र में हुए काम और उनसे जुड़े भुगतान का विवरण खुद देख सकते हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ने के साथ जवाबदेही तय करने में भी मदद मिल रही है।

RTI और शिकायतों पर भी पड़ा असर

सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होने का असर RTI आवेदनों और योजना संबंधी शिकायतों पर भी देखने को मिला है। जानकारी आसानी से उपलब्ध होने के कारण ऐसे मामलों में कमी आने की बात सामने आई है। इससे प्रशासन के लिए भी जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है।

नवाचार को मिला मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड

QR कोड आधारित इस सूचना व्यवस्था को इसकी उपयोगिता और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और ग्रामीणों को विकास कार्यों की निगरानी में जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण नवाचार माना जा रहा है।

‘जानकारी सबकी, निगरानी सबकी’ की ओर बढ़ता कदम

एक साल में 7 लाख से अधिक स्कैन यह दिखाते हैं कि ग्रामीण इलाकों में भी लोग सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। QR कोड की व्यवस्था ने सरकारी जानकारी को पंचायत स्तर पर सार्वजनिक करने के साथ ग्रामीणों को अपने क्षेत्र के विकास कार्यों पर नजर रखने का एक आसान माध्यम दिया है।

यानी अब सरकारी योजना की जानकारी सिर्फ फाइलों या दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव का आम नागरिक भी अपने मोबाइल से उसे देख और समझ सकता है। यही इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा असर माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *