छत्तीसगढ़ सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के 16 हजार 981 पात्र तेन्दूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2023 के संग्रहण के लिए 2 करोड़ 30 लाख 61 हजार 50 रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया जाएगा। यह राशि 08 से 13 जुलाई 2026 के बीच सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से जमा की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत 03 जुलाई को सहकारिता सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर राज्यव्यापी प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। इसी क्रम में जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, सरगुजा द्वारा पात्र संग्राहकों को समयबद्ध तरीके से राशि का भुगतान किया जाएगा।
13 हजार 761 मानक बोरा संग्रहण के आधार पर मिलेगा प्रोत्साहन
जिला वनोपज सहकारी यूनियन के प्रबंध संचालक ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार जिले की 6 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के संग्राहकों को 13,761.590 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
ऑनलाइन होगी पूरी भुगतान प्रक्रिया
प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भुगतान व्दसपदम डथ्च् ब्वससमबजपवद ंदक च्ंलउमदज ैलेजमउ के माध्यम से किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में सुनिश्चित होगी।
समितिवार मिलेगी प्रोत्साहन राशि
समितिवार भुगतान के अनुसार केदमा समिति के 2,073 संग्राहकों को 28.09 लाख रुपये, कमलेश्वरपुर समिति के 1,527 संग्राहकों को 2.74 लाख रुपये, लखनपुर समिति के 4,211 संग्राहकों को 20.21 लाख रुपये, उदयपुर समिति के 2,824 संग्राहकों को 31.90 लाख रुपये, डांडगांव समिति के 2,955 संग्राहकों को 95.84 लाख रुपये तथा रीखी समिति के 3,391 संग्राहकों को 51.81 लाख रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक प्रदान किया जाएगा।
वनांचल की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली यह प्रोत्साहन राशि वनांचल क्षेत्रों के हजारों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनेगी। इससे संग्राहकों की आय बढ़ेगी, उनकी आजीविका मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
समयबद्ध भुगतान के निर्देश
प्रबंध संचालक ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भुगतान प्रक्रिया की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित अवधि में प्रत्येक पात्र संग्राहक के खाते में राशि पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।