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Ramen Deka Chhattisgarh Governor in bemetra

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज बेमेतरा में शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रशासनिक जटिलताओं के कारण लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई एवं एसएसपी रामकृष्ण साहू सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे द्य

राज्यपाल ने निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। सर्वे और चयन की प्रक्रिया को इतना सुदृढ़ बनाया जाए कि वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि कई बार ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में लोगों को योजनाओं की सही जानकारी नहीं होती। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। जिससे ग्रामीण जनों को योजनाओ का लाभ मिल सकें।

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी मानवीय संवेदना को अपने जीवन में विशेष जगह दें। उन्होंने कहा कि समाज में वंचित और जरूरतमंद लोगों की सेवा करें। उन्होंने कहा कि सीनियर सिटीजन के साथ समय बिताए और उनका ख्याल रखें। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा अध्ययन में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच को जगह दें। जन कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करते हुए हितग्राहियों को लाभांवित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं में केवल आंकड़े पूरा करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि आम जन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने और सेवा भाव को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बिहानश् या स्थानीय आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को जोड़कर उन्हें बैंक लिंकेज और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा कर आर्थिक स्वावलंबन बनाने कहा ।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पारंपरिक कार्यों से हटकर महिलाओं/युवाआंे का कौशल उन्नयन करने कहा। डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण पर जोर दिया। युवाओं के हुनर को तराश कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने कहा। उन्होंने युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर ध्यान देना कहा।

राज्यपाल ने युवाओं को श्मुद्रा योजनाश् या राज्य की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आसानी से लोन दिलाने और उन्हें मेंटरशिप प्रदान करने निर्देशित किया। कौशल प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए जिला स्तर पर श्रोजगार मेलोंश् का नियमित आयोजन करने भी कहा।

राज्यपाल ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और कीमती जानों को बचाने के लिए ठोस पहल करने निर्देशित किया। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटना एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है। उन्होंने सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। जिन जगहों पर बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं, वहां सड़कों का सुधार, साइनबोर्ड लगाना और स्पीड ब्रेकर दुरुस्त करने कहा गया। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने और श्गोल्डन ऑवरश् (दुर्घटना के तुरंत बाद का समय) में मदद करने के लिए श्गुड सेमरीटनश् (नेक फरिश्ते) नीति का प्रचार करने निर्देशित किया। राज्यपाल ने भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जरूरत पर बल दिया । टीबी मरीजों को इलाज साथ ही, समाज के संपन्न लोगों और अधिकारियों को श्निक्षय मित्रश् बनाकर मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने कहा।

राज्यपाल ने डबरी निर्माण ,छोटे आकार के तालाब बनाकर जल संचयन करने निर्देशित किया। सभी शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग बनाने कहा गया। जल संचयन के लिए आम नागरिकों को प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बरसाती नालों में पानी का बहाव तेज होता है, जिससे पानी बिना रुके आगे बह जाता है और मिट्टी का कटाव भी होता है। नाला रिचार्ज के तहत इन नालों में श्चेक डैमश् (छोटे बांध) या श्गैबियन संरचनाएंश् बनाने कहा। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर यह केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में भव्य और बड़े तालाबों (अमृत सरोवर) का निर्माण या पुनरुद्धार किया जा रहा है। इस क्षेत्र में कार्य करने निर्देशित किया।

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। राज्यपाल ने शिक्षाविदों, विश्वविद्यालय के कुलपतियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनमें योगाभ्यास, खेलकूद और एन.सी.सी. के प्रति रुचि और भावना जागृत करना अत्यंत आवश्यक है।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों के जीवन में योग का होना जरूरी है। नियमित योगाभ्यास से विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ती है और वे मानसिक रूप से सुदृढ़ बनते हैं।

खेलकूद से टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि अनुशासन, लीडरशिप और टीम भावना ,सीखने की सबसे अच्छी जगह हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व और कड़े अनुशासन की भावना फूंकने के लिए एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

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