जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में आज कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय बंजी विकासखंड मनेंद्रगढ़ में बाल अधिकार दिवस सप्ताह के तहत प्रेरणादायी और सृजनात्मक बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर बालिकाओं की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और उमंग से भर उठा, जहां हर गतिविधि बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ती दिखी।
बाल अधिकारों की समझ और जागरूकता का उत्सव
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत 20 से 25 नवंबर तक चल रहे इस विशेष सप्ताह में नाट्य प्रस्तुति, चित्रकला, पोस्टर निर्माण और रचनात्मक लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बालिकाओं को अपनी अभिव्यक्ति और सृजनशीलता दिखाने का अवसर मिला। NSS और NCC के सहयोग से प्रस्तुत नाट्य स्किट ने बाल अधिकार, भेदभाव, सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर गहरा संदेश दिया। चित्रकला एवं पोस्टर का विषय खुशहाल बचपन सुरक्षित बचपन रखा गया, जबकि लेखन प्रतियोगिता में यदि मैं पिता या माता होता/होती विषय पर छात्राओं ने अपनी सोच को प्रभावी शब्दों में प्रस्तुत किया। पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे और बालिकाओं को स्वतंत्रता, सुरक्षा, अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रोत्साहित किया।
हर बालिका राष्ट्र की पूंजी- सपनों को मिला नया आसमान
कार्यक्रम की केंद्रीय थीम हर बालिका राष्ट्र की पूंजी रही। कहानी लेखन प्रतियोगिता का विषय मेरे सपनों का भविष्य रखा गया जिसके माध्यम से बालिकाओं ने आत्मनिर्भरता, शिक्षा, सकारात्मक सोच और एक सशक्त भारत के निर्माण की अपनी कल्पनाओं को हृदयस्पर्शी रूप में सामने रखा। छात्राओं की रचनाओं में उज्ज्वल भविष्य की छवि, परिवर्तन की क्षमता और समाज में अपनी भूमिका को लेकर गहरी जागरूकता स्पष्ट दिखाई दी। यह आयोजन बालिकाओं की प्रतिभा को नए आयाम देने और उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बना।
प्रशासनिक नेतृत्व, विशिष्ट अतिथि और बालिकाओं की उपलब्धियाँ
पूरा कार्यक्रम जिला मिशन समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा के संचालन में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मिशन शक्ति विभाग से वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ श्रीमती अनीता कुमारी शाह, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर सुश्री अमीषा कुशवाहा और विधिक सेवा प्राधिकरण की श्रीमती अंजनी यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया। निर्णायक मंडल द्वारा श्रेष्ठ कहानियों का चयन किया गया और सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यालय प्राचार्य श्रीमती आराधना एक्का एवं शिक्षिकाओं ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल बालिकाओं की प्रतिभा को दिशा देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और बाल अधिकारों पर जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उक्त कार्यक्रम के अंत में समस्त बालिकाओं को नाश्ता देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।