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Free coaching Chhattisgarh

उच्च शिक्षा, राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के हाथों जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क तेजस कोचिंग सारंगढ़ का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने मां सरस्वती शारदा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर के नाम ‘तेजस’ शब्द में ही ऊर्जा छिपा हुआ है। अब बच्चों को निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। प्रतिभाशालियों ने अपने जीवन के माध्यम से दिखलाया है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं है। अपने पाठ्यक्रम के अलावा ऐसे महापुरूषों को जीवनी को पढ़ें जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी सफलता के परचम लहराए हैं। आईएएस-आईपीएस के बच्चे आईएएस-आईपीएस बनें तो कोई नई बात नहीं। रिक्शावाला का बच्चा बने तो बात है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार में परीक्षा में पारदर्शिता है। पीएससी परीक्षा पास कर गरीब का बच्चा डिप्टी कलेक्टर बना है। मंत्री ने सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला प्रशासन को निःशुल्क कोचिंग प्रारंभ करने पर बधाई दी। कोचिंग के बच्चों का हौसला अफजाई करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री ने शायराना अंदाज में कहा कि ‘‘लक्ष्य न ओझल होने पाए, कदम मिलाकर चल, मंजिल तेरी पग चूमेगी आज नहीं तो कल’’। शिक्षक हमारे बच्चों के भविष्य का निर्माता हैं। आप सभी शिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन करें। तेजस कोचिंग ‘‘सबको शिक्षा समान शिक्षा’’ प्रदान कर रहा है।

प्रतिभाशाली आईपीएस एन अंबिका की प्रेरणास्पद कहानी को मंत्री वर्मा ने साझा किया

प्रभारी मंत्री ने ऐसे प्रतिभाशाली का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि तमिलनाडू की एन अंबिका की 14 साल में शादी एक पुलिस आरक्षक से हुआ था। 18 वर्ष की उम्र में वे 2 बच्चों की मां थी। राष्ट्रीय पर्व पर परेड देखने गई थी तब आईपीएस को सेल्यूट करते हुए अपने पति को देखने पर उन्होंने सेल्यूट किनको किए पूछी। पति ने जवाब दिया कि वे आईपीएस हैं। अंबिका ने उनके पति से आईपीएस बनने के तरीके की जानकारी ली। इसके बाद वह 10वीं, 12वीं और स्नातक उत्तीर्ण की। चेन्नई में रहकर अंबिका ने खूब मेहनत की और यूपीएससी की तीन परीक्षा में असफल थी, लेकिन चौथी परीक्षा में उत्तीर्ण होकर वे आईपीएस बनीं और वे मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर हैं।

लोकसभा जांजगीर चांपा की सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि डीएमएफ की बैठक के दौरान कलेक्टर डाॅ. कन्नौजे से कोचिंग शुरू करने के संबंध में बात हुई थी और यह बड़ी खुशी की बात है कि उस निःशुल्क कोचिंग का शुभारंभ है। सभी बच्चे लक्ष्य बनाकर चलें सफलता निश्चित मिलेगी और अपने मां-बाप, जिला का नाम रौशन करें।

कलेक्टर डाॅ. कन्नौजे ने कहा कि आज कोचिंग का विधिवत शुभारंभ हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिले के बच्चों को रायपुर बिलासपुर जाना पड़ता था। व्यापम की परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सारंगढ़ में संचालित करने के पूर्व इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। करीब एक हजार बच्चों का प्रवेश (इंट्रेंस) परीक्षा लिया गया, जिसमें से 100 बच्चों का चयन किया गया। टेंडर में चयनित राज्य के प्रतिष्ठित बिलासपुर में संचालित हरिराम पटेल कोचिंग के नियमित शिक्षक ही यहां पढ़ांएगे। उन गुरूओं के मार्गदर्शन में सफलता प्राप्त कर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।

इस कार्यक्रम में कलेक्टर डाॅ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, सदस्य भूषण जांगड़े, शिवकुमारी साहू, अभिलाषा नायक, विनोद भारद्वाज, सांसद प्रतिनिधि अरूण गुडडू, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, सत्ताधारी दल के जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, पूर्व अध्यक्ष सुभाष जालान, भुवन मिश्रा, दुर्गा ठाकुर, स्वप्निल स्वर्णकार, मनोज जायसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी जे. आर. डहरिया, पत्रकारगण आदि उपस्थित थे। कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थी ने इस आयोजन के लिए सभी अतिथियों का आभार प्रकट की। कार्यक्रम का मंच संचालन व्याख्याता पुरूषोत्तम स्वर्णकार और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित प्रियंका गोस्वामी ने की। शिक्षक भगवान दास बसंत के नेतृत्व में रेडक्राॅस, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट के बच्चों ने अतिथियों का सम्मान और कार्यक्रम में सहयोग किया।

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