आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक टी.आर.टी.आई सभाकक्ष, नवा रायपुर में सम्पन्न हुई। आज की बैठक में कुल 08 सामान्य प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे जिसमें 02 प्रकरणों में सुनवाई हेतु संबंधित पक्षकार उपस्थित हुए इनमें से 01 प्रकरण में आगे गहन जांच हेतु विजिलेंस सेल को निर्देशित किया गया जबकि दूसरे प्रकरण में जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त करने संबंधी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 1 प्रकरण में पक्षकार के प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता द्वारा पक्ष रखा गया। जिन 05 प्रकरणों में धारक या उनके प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुए थे उन्हें एक अंतिम अवसर प्रदान करते हुए समिति की आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने संबंधी निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार न्यायालय से प्राप्त कुल 09 प्रकरणों पर विचार-विमर्श पश्चात् समिति ने 06 प्रकरणों में पक्षकार को अपना पक्ष रखने एवं गवाह व साक्ष्य के साथ आगामी बैठक में आहूत किया है जबकि 02 प्रकरणों में माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने समिति द्वारा पूर्व में जारी आदेश को सही ठहराते हुए उनके द्वारा लगायी गई स्थगन याचिका को खारिज कर दिया है। एक प्रकरण में सामाजिक प्रास्थिति अध्ययन हेतु निर्देशित किया गया है।
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक, श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार (सदस्य), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जांच प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी श्रीमती गायत्री नेताम, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्रीमती अंजनी भगत, श्री ईश्वर साहू एवं श्री जयमंगल पटेल उपस्थित थे।
शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी संग्रहालय के निर्माणकार्य की भी अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा टी.आर.टी.आई. परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माणकार्य की भी अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंर्ने डीजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से संग्रहालय की सभी गैलरियों की समीक्षा की एवं ततसंबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भावी युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम में प्रदेश के आदिवासी जननायकों के शौर्य एवं बलिदान को सदैव स्मरण कराता रहेगा। अतः इसके निर्माण कार्य में पूर्ण सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने संग्रहालय का निर्माणकार्य पूर्ण गुणवत्ता सहित निर्धारित समयावधि 30 सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में निर्माण एजेंसी के अधिकारी, क्यूरेटर, सहायक अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।