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Fake cosmetics crackdown Chhattisgarh

अवैध रूप से संचालित फर्मों, नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला और बाजार में बिक रही नकली प्रसाधन सामग्री से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्रदेश स्तर पर एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर में औषधि निरीक्षकों की टीमों ने सघन छापेमारी के साथ ही कार्रवाई की है।

रायपुर जिले में ड्रग विभाग की टीम द्वारा भाटागांव स्थित लक्ष्मी इंटरप्राइजेज पर छापा मारते हुए बिना अनुज्ञप्ति के निर्माण हो रहे फिनाइल और हैण्डवाश उत्पादों (कुल कीमत ₹4.5 लाख) को जब्त किया गया। इसी प्रकार गुढ़ियारी स्थित शोला इंडस्ट्रीज में भी बिना लाइसेंस साबुन और हैंडवॉश निर्माण की गतिविधियों पर छापेमारी कर कच्चा माल, कंटेनर, लेबलिंग और पैकेजिंग सामग्री (लगभग ₹2 लाख) जब्त की गई।
डूमरतराई स्थित औषधि वाटिका में ड्रग विभाग द्वारा नशीली दवाओं की जांच की गई, जहां मेसर्स वेनोर में नारकोटिक दवाओं के रिकॉर्ड और रजिस्टर में अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान कुछ फर्जी प्रिस्क्रिप्शन भी बरामद हुए, जिसके आधार पर संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया गया है।

बिलासपुर जिले के तेलीपारा स्थित मेसर्स आकाश बैंगल्स एंड कास्मेटिक में बिना लाइसेंस औषधियों का संधारण पाया गया, जहां से ₹30,000 मूल्य की औषधियां जब्त कर कार्यवाही की गई। इसी क्षेत्र के तेलीपारा एवं व्यापार विहार की कास्मेटिक दुकानों से 5 नमूने लिए गए।

रायगढ़ जिले के रोज लाइफ, पुरानी हटरी में भी बिना लाइसेंस बिक रही औषधियों पर कार्यवाही की गई। वहीं धमतरी के भटगांव में धनेश्वर देवांगन के क्लिनिक से एलोपैथिक दवाओं को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई।

मुंगेली जिले के प्रकाश मेडिकल एजेंसीज में आयुर्वेदिक दवाओं में एलोपैथिक दवाओं की मिलावट की आशंका के आधार पर टेबलेट का नमूना लिया गया और शेष स्टॉक को फॉर्म-15 में रोका गया। इसी प्रकार कबीरधाम जिले में शिव हर्बल एजेंसीज एवं विश्वमात्र आयुर्वेदिक चिकित्सालय से भी नमूना संग्रहण किया गया।

जांजगीर-चांपा जिले के महेश मेडिकल, सुभाष मेडिकल, अशोक मेडिकल, अरविन्द मेडिकल, आर.के. मेडिकल, अनिल मेडिकल, सोंकेसरिया मेडिकल, कृष्णा मेडिकल आदि में नारकोटिक दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं। जिनके विरुद्ध फॉर्म-35 में कार्यवाही दर्ज कर नोटिस जारी किया जा रहा है। जशपुर व कांकेर जिलों में भी ऐसी ही जांचें की गईं।

बेमेतरा जिले के शिवम् जनरल स्टोर एवं मेहनलाल मांगीलाल राठी किराना दुकान में कास्मेटिक उत्पादों के बिल प्रस्तुत न कर पाने पर उत्पादों को फॉर्म-15 में दर्ज कर बिक्री से रोका गया।

आम जनता द्वारा नकली कास्मेटिक उत्पादों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विभिन्न बाजारों में छापेमारी की गई। कुल 48 कास्मेटिक उत्पादों जैसे साबुन, हेयर ऑयल, बेबी लोशन, शैम्पू, फेयरनेस क्रीम, टेलकम पाउडर, शेविंग क्रीम, हेयर डाई आदि के विधिवत नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

इस अभियान के तहत राज्य के सभी जिलों में तैनात कुल 78 औषधि निरीक्षकों की टीम ने 170 संस्थानों में छापेमारी कर आवश्यक नमूने एकत्रित किए और नियमानुसार कार्यवाही की।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि आमजन को नकली औषधियों और प्रसाधन सामग्रियों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनमानस से अपील है कि नकली औषधियों, प्रसाधन सामग्री या नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हेल्पलाइन नंबर +91-9340595097 पर अवश्य दें।

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