पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन: बीमारी, आरोप और विवादों से भरा रहा सफर
नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मंगलवार दोपहर 1:12 बजे जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया। वे काफी समय से किडनी से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे और 11 मई से अस्पताल में भर्ती थे। उनका राजनीतिक जीवन जितना व्यापक रहा, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा।
कई राज्यों में राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक
राजनीतिक जीवन में सत्यपाल मलिक ने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। वे जम्मू-कश्मीर, बिहार, गोवा और मेघालय के राज्यपाल रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 2018 में ओडिशा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।
उनका कार्यकाल जम्मू-कश्मीर में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक वे यहां के राज्यपाल रहे। इसी अवधि के दौरान 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, जिसने उन्हें केंद्र की नीतियों से जोड़ते हुए देशभर में चर्चित बना दिया।
भ्रष्टाचार के आरोप और CBI की चार्जशीट
मलिक का नाम केवल प्रशासकीय कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते भी चर्चा में रहा।
22 मई 2025 को CBI ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पांच अन्य लोगों के साथ उन्हें किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में आरोपी बनाया गया। यह प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर का एक बड़ा सिविल वर्क प्रोजेक्ट था, जिसकी कुल लागत 2,200 करोड़ रुपए थी। आरोप है कि इस कॉन्ट्रैक्ट को देने में भारी अनियमितताएं हुईं। CBI ने इसी मामले में 22 फरवरी 2024 को दिल्ली सहित 29 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें सत्यपाल मलिक के ठिकानों की भी तलाशी ली गई थी।
2021 में खुद उठाया था भ्रष्टाचार का मुद्दा
सत्यपाल मलिक ने 17 अक्टूबर 2021 को राजस्थान के झुंझुनूं में आयोजित एक कार्यक्रम में सनसनीखेज बयान दिया था।
उन्होंने कहा था कि जब वे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब उन्हें दो फाइलों के लिए 150-150 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई थी।
उनके अनुसार, एक फाइल एक बड़े उद्योगपति की थी और दूसरी महबूबा मुफ्ती की सरकार में एक मंत्री से जुड़ी थी। सचिवों ने उन्हें इन फाइलों में घोटाले की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने दोनों डील रद्द कर दीं। उन्होंने यह भी कहा था कि “CBI जब पूछेगी, तो मैं रिश्वत देने वालों के नाम जरूर बताऊंगा।”
CBI की दो अलग-अलग FIR और आरोपों की जड़ें
CBI ने सत्यपाल मलिक से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों में दो अलग-अलग FIR दर्ज की थीं:
पहली FIR – लगभग 60 करोड़ रुपए की रिश्वत का मामला, जो 2017-18 में जम्मू-कश्मीर हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से जुड़ा था। इसमें एक इंश्योरेंस कंपनी से ठेका दिलाने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है।
दूसरी FIR – यह 2019 में किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के तहत 2,200 करोड़ के सिविल वर्क कॉन्ट्रैक्ट को देने में अनियमितता से जुड़ी थी।
CBI इन दोनों मामलों की जांच कर रही है और दोनों में मलिक को मुख्य अभियुक्त माना जा रहा है।