Chhattisgarh nutrition program for mothers

कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी की अध्यक्षता में मातृ मृत्यु दर कम करने हेतु गुरुवार को महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, जिला परियोजना अधिकारी जे.आर. प्रधान सहित दोनों विभागों के अधिकारी- कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक में विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के 25 प्रकार के लक्षणों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह तय किया गया कि यदि गर्भवती महिला में इन 25 में से कोई भी लक्षण पाया जाता है, तो उसे विशेष निगरानी में रखा जाएगा। उसके लिए समय-समय पर उपचार, पौष्टिक आहार, और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. चतुर्वेदी ने निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मिलकर समन्वय के साथ कार्य करें। सभी गर्भवती माताओं की नियमित हीमोग्लोबिन जांच कर आवश्यकतानुसार आयरन- फोलिक एसिड तथा कोरिया मोदक लड्डू और प्रोटीन युक्त आहार उपलब्ध कराया जाए।

इसके अतिरिक्त, कम वजन वाले शिशुओं के जन्म को रोकने हेतु स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के कार्यकर्ताओं को सामूहिक काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए। विकासखंड स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारी एवं सीडीपीओ तथा सेक्टर स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और पर्यवेक्षकों की नियमित अंतरविभागीय बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री जे.आर. प्रधान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री असरफ अंसारी, बीएमओ डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा, सीडीपीओ श्रीमती अनुपमा सिंह, समस्त बीएमओ, बीपीएम, बीईटीओ, महिला पर्यवेक्षक तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *