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CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में भी नेशनल इंस्टीट्यूट की तर्ज पर एलुमनी एसोसिएशन बनाए जाएंगे। सरकार की ओर से स्कूल के पूर्व छात्र-छात्राओं को किया जाने वाला संभवत: पहला प्रयास है। इसके माध्यम से स्कूल के डेवलपमेंट के साथ ही छात्र-छात्राओं को पूर्व छात्रों के अनुभव से सीखने का मौका देना है।
राजधानी के सभी नेशनल इंस्टीट्यूट एनआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू के साथ ही नवोदय और केवी स्कूल के भी एलुमनी एसोसिएशन काम कर रहे हैं। इससे स्कूल के साथ ही वहां पढ़ने वाले छात्रों को फायदा होगा। शिक्षा विभाग की ओर से अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है लेकिन जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा विभाग की बैठक ली थी जिसमें उन्होंने स्कूलों में एलुमनी एसोसिएशन बनाने की बात भी कही थी।

CG News: नेशनल इंस्टीट्यूट को मिलता है फायदा

शहर संचालित एनआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम, एचएनएलयू के एलुमनी एसोसिएशन का फायदा कैंपस को मिलता है। एनआईटी में जहां पूर्व छात्रों की ओर से गोल्डन टॉवर बिल्डिंग बनवाई गई है। वहीं इनोवेटिव छात्रों को सहयोग देने इन्क्यूबेशन बनाने में भी मदद दे रहे हैं।

वहीं समय-समय पर पूर्व छात्र कैंपस विजिट करते हैं और छात्रों को करियर गाइडेंस के साथ ही उन्हें जॉब दिलवाने में भी मदद करते हैं। कैंपस में प्रवेश लेने वाले गरीब छात्रों को भी पूर्व छात्र मदद करते हैं। ऐसे ही सभी नेशनल इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्रों से वहां के वर्तमान छात्रों का पूरा सपोर्ट मिलता है।

स्कूल को मिलेगी फाइनेंशियल मदद

CG News: एलुमनी एसोसिएशन होने से स्कूल के पूर्व छात्र ही अपने स्कूल के डेवलपमेंट में मदद करेंगे। जिससे स्कूल को विकास कार्य के लिए सरकारी फंड के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा और स्कूल में विकास कार्य भी अच्छा और जल्दी होगा। अच्छे विकास कार्य से स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों पढ़ने के लिए अच्छी सुविधाएं भी मिलेंगी।

देश और राज्य में काम कर रहे कई अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर ने गांव के सरकारी स्कूलों से ही पढ़ाई की है। कई छात्र सरकारी स्कूल में पढ़कर बिजनेसमैन बन गए हैं। एलुमनी एसोसिएशन बन जाने के बाद पूर्व छात्र स्कूल में पहुंचकर बच्चों से मुलाकात भी करेंगे और गाइडेंस भी देंगे। ऐसे में जब छात्रों को इनका गाइडेंस मिलेगा तो वे पहले से ही अपने करियर के लिए सजग होंगे और बड़ा करने के लिए मोटिवेट होंगे।
दिव्या उमेश मिश्रा, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर निर्णय लिया है। अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है लेकिन जल्द ही काम शुुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

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