उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राध्यापक 13 विषयों के कुल 86 पदों की पूर्ति के लिए पात्र पाए गए अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 10 दिसंबर से आयोजित किया है, लेकिन पहले दिन एपीआई (एकादमिक परर्फोमेंस इंटीकेटर) के नंबर को लेकर विवाद रहा और मात्र एक का दस्तावेज सत्यापन हो सका। जबकि, 26 लोगों को बुलाया गया था। हालांकि, दूसरे दिन दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को सुधारने के लिए अधिकारियों ने तीन पैनल बनाए, जिन्होंने अभ्यर्थियों के दस्तावेज जमा कराए। पहले दिन के शेष अभ्यर्थी और दूसरे दिन बुलाए गए।
13 विषयों के लिए सत्यापन
प्रोफेसर भर्ती के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 13 विषयों के लिए चल रही है। इसमें अंग्रेजी, माइक्रोबॉयोलाजी, लोक प्रशासन, प्राचीन भारतीय इतिहास, बॉयोटेक्नोलॉजी, सैन्य विज्ञान, ज्योतिष, दर्शन शास्त्र, मानव शास्त्र, इतिहास, संस्कृत, विधि एवं गृह विज्ञान के पात्र उमीदवारों को बुलाया गया है। इन विषयों में कुल 86 पद हैं। इसके लिए 255 उमीदवारों ने किया है। 17 अन्य विषयों के दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया की तिथि अभी जारी नहीं की गई है।
1500 से ज्यादा आवेदन 595 पदों के लिए
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा से संबंद्ध 300 से ज्यादा कॉलेज हैं और इनमें प्रोफेसर के 600 से ज्यादा पद हैं। सभी पद खाली है। पहली बार 595 पदों की भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2021 में शुरू हुई। लेकिन आज तक पूरी नहीं हो सकी। शुरुआत में कई मामलों को लेकर विवाद रहा। जिसके कारण स्थगित कर दी गई। अब दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई और आवेदन मंगाए गए। 1500 ज्यादा आवेदन पीएससी को मिले हैं, जिसमें 348 सरकारी असिस्टेंट प्रोफेसरों ने किए हैं। दस्तावेज सत्यापन 10 दिसंबर से शुरू की गई है। 86 पदों के लिए 17 दिसंबर तक दस्तावेज सत्यापन चलेगा।