छत्तीसगढ़ राज्य की नीति निर्धारकों को दो मुख्य पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होता है। एक तो यहां की आदिवासी बहुल आबादी और दूसरा राज्य की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है । जब भी राज्य की नीतियां बनाई जाती हैं, इन दोनों पहलुओं की अनदेखी नहीं की जा सकती हैं। दोनों को समान रूप से प्राथमिकता दी जाती है। विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य के विकास की नब्ज को पकड़कर सभी पहलुओं पर ध्यान दिया है।
हाल ही में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर में माओवादी आतंक के खात्मे के प्रति केन्द्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। यह फैसला राज्य को समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने के संकल्प को और मजबूती प्रदान करता है।
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ काम करना शुरू किया। लगभग तीन करोड़ की आबादी वाला यह राज्य आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की दिशा में अपना योगदान दे रहा है।
साय सरकार ने आदिवासी समुदाय और किसानों पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य में पारदर्शी प्रशासन और स्मार्ट तकनीक के उपयोग से शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।