चार्जशीट में दावा किया गया है कि विजय माल्या के पास 2008 और 2016.17 के बीच पर्याप्त धन उपलब्ध था. लेकिन इक्विटी इन्फ्यूजन के रूप में वित्तीय संकट से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस की मदद करना या आईडीबीआई समेत अन्य भारतीय बैंकों से के लिए गए ऋणों का भुगतान करना उन्होंने जरूरी नहीं समझा.