संत शाही शरण ने बताया कि देश-विदेश से अनुयायी अधिवेशन में शामिल होंगे. इसमें बिहार के अलावा जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड समेत पड़ोसी देश नेपाल से भी लोग शामिल होंगे. अनुयायियों की जुटने वाली भीड़ को देखते हुए तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. अधिवेशन को लेकर दो किलोमीटर क्षेत्रफल का भव्य पंडाल लगाया गया है जिसमें खाने-पीने के स्टॉल से लेकर सोने तक की व्यवस्था की गई है