Superstar Vinod Khanna Became A Monk: 70 के दशक में मशहूर एक्टर विनोद खन्ना (Vinod Khanna) हर दिलों की धड़कन हुआ करते थे. उनकी एक्टिंग और लुक लोगों को काफी पसंद आता था. लेकिन वक्त बदला और विनोद खन्ना स्टारडम से अलग हो गए. कहा जाता है कि अगर विनोद खन्ना आचार्य रजनीश ओशो चक्कर में न पड़ते तो शायद बॉलीवुड का इतिहास कुछ और होता. शायद बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन इतनी आसानी से सुपरस्टार नहीं बनते. या यूं कहें आज जहां बिग बी हैं वहां विनोद खन्ना होते या फिर उनका करियर उनके आसपास ही होता. चलिए जानते हैं ओशो के प्रभाव में आकर कैसे विनोद खन्ना संन्यासी बन गए और कैसे उनके करियर और फैमिली के बीच का संतुलन बिगड़ गया. आखिरी पलों में वह अपना ना ही करियर बचा पाए और ना ही परिवार. इसके साथ ही उनका आखिरी पर काफी दर्दनाक रहा.
Superstar Vinod Khanna Became A Monk: 70 के दशक में मशहूर एक्टर विनोद खन्ना (Vinod Khanna) हर दिलों की धड़कन हुआ करते थे. उनकी एक्टिंग और लुक लोगों को काफी पसंद आता था. लेकिन वक्त बदला और विनोद खन्ना स्टारडम से अलग हो गए. कहा जाता है कि अगर विनोद खन्ना आचार्य रजनीश ओशो चक्कर में न पड़ते तो शायद बॉलीवुड का इतिहास कुछ और होता. शायद बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन इतनी आसानी से सुपरस्टार नहीं बनते. या यूं कहें आज जहां बिग बी हैं वहां विनोद खन्ना होते या फिर उनका करियर उनके आसपास ही होता. चलिए जानते हैं ओशो के प्रभाव में आकर कैसे विनोद खन्ना संन्यासी बन गए और कैसे उनके करियर और फैमिली के बीच का संतुलन बिगड़ गया. आखिरी पलों में वह अपना ना ही करियर बचा पाए और ना ही परिवार. इसके साथ ही उनका आखिरी पर काफी दर्दनाक रहा.