एम्स दिल्ली के राजेंद्र प्रसाद नेत्र अस्पताल के प्रमुख प्रोफेसर जीवन एस टिटियाल के मुताबिक, ‘यदि बच्चों में डिजिटल स्क्रीन की लत और निर्भरता इसी तरह रही तो साल 2050 तक देश में 50 फीसदी बच्चे मायोपिया (Myopia in Children) यानी निकट दृष्टि दोष रोग से पीड़ित हो जाएंगे. ऐसे में नजर कम होने की वजह से देश की आधी आबादी सेना और पुलिस की नौकरी में जाने से अयोग्य हो जाएगी!’