रंगों के पर्व होली की बात ही निराली है. छत्तीसगढ़ के गांवों मे होली को लेकर कई तरह की परंपरा आज भी देखी जाती है. होली के अवसर पर वर्षों पुरानी डंडा नृत्य परंपरा उन्हीं एक प्राचीन परंपराओं में से एक है. महासमुंद जिले के ग्राम बिरकोनी में 70 से 75 वर्ष के बुजुर्ग इस परंपरा का आज भी निर्वाह कर रहे है.हालांकि कुछ गिने-चुने बुजुर्ग ही इस में आगे है.
रंगों के पर्व होली की बात ही निराली है. छत्तीसगढ़ के गांवों मे होली को लेकर कई तरह की परंपरा आज भी देखी जाती है. होली के अवसर पर वर्षों पुरानी डंडा नृत्य परंपरा उन्हीं एक प्राचीन परंपराओं में से एक है. महासमुंद जिले के ग्राम बिरकोनी में 70 से 75 वर्ष के बुजुर्ग इस परंपरा का आज भी निर्वाह कर रहे है.हालांकि कुछ गिने-चुने बुजुर्ग ही इस में आगे है.