Madhubala Not First Choice OF Mughal-e-Azam: 14 साल और तकरीबन 1.5 करोड़ की लागत से बनीं ‘मुगल-ए-आजम’ हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में एक है. के आसिफ के शानदार निर्देशन, भव्य सेटों, बेहतरीन सदाबहार संगीत के लिए यह फिल्म आज भी लोगों को दिलों में बसी है. वहीं फिल्म के किरदार सलीम-अनारकली की जोड़ी आज भी प्यार करने वालों के लिए एक मिशाल है. भले ही ‘सलीम अनारकली’ एक रील लाइफ में रहे लेकिन 21वीं सदी के कपल अब इन्हें हकीकत में जीते हैं. फिल्म में दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने सलीम का किरदार निभाया था, जबकि मधुबाला (Madhubala) ने अनारकली का. लेकिन आपको बता दें कि मधुबाला डायरेक्टर की पहली पसंद नहीं थीं.
Madhubala Not First Choice OF Mughal-e-Azam: 14 साल और तकरीबन 1.5 करोड़ की लागत से बनीं ‘मुगल-ए-आजम’ हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में एक है. के आसिफ के शानदार निर्देशन, भव्य सेटों, बेहतरीन सदाबहार संगीत के लिए यह फिल्म आज भी लोगों को दिलों में बसी है. वहीं फिल्म के किरदार सलीम-अनारकली की जोड़ी आज भी प्यार करने वालों के लिए एक मिशाल है. भले ही ‘सलीम अनारकली’ एक रील लाइफ में रहे लेकिन 21वीं सदी के कपल अब इन्हें हकीकत में जीते हैं. फिल्म में दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने सलीम का किरदार निभाया था, जबकि मधुबाला (Madhubala) ने अनारकली का. लेकिन आपको बता दें कि मधुबाला डायरेक्टर की पहली पसंद नहीं थीं.