संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने फिल्मों के बाद राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की, पर सफलता उनके हाथ नहीं लगी. राजनीतिक पार्टी ने उन्हें चुनाव प्रचार में उतार तो दिया, पर एक्टर को भाषण देना नहीं आता था. तब एक बड़े नेता ने उनकी मदद की, पर आखिरी समय में उनके साथ बड़ा गोलमाल हुआ. संजय दत्त को फिर स्टेज पर मुन्नाभाई की तरह अपने फिल्मी डायलॉग से काम चलाना पड़ा.
संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने फिल्मों के बाद राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की, पर सफलता उनके हाथ नहीं लगी. राजनीतिक पार्टी ने उन्हें चुनाव प्रचार में उतार तो दिया, पर एक्टर को भाषण देना नहीं आता था. तब एक बड़े नेता ने उनकी मदद की, पर आखिरी समय में उनके साथ बड़ा गोलमाल हुआ. संजय दत्त को फिर स्टेज पर मुन्नाभाई की तरह अपने फिल्मी डायलॉग से काम चलाना पड़ा.