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मित्र मंडल की अध्यक्ष उमा श्रीमाल बताती हैं कि जब उन्होंने एमेजॉन पर 160 रुपये में 12 नग (पीस) उपले बिकते देखा तो उन्हें ख्याल आया कि इसे सस्ते में तैयार किया जा सकता है और बाजार में बेचा जा सकता है. उपलों की माला का होली पर महत्व होता है. इसकी ज्यादा डिमांड होती है. ऐसे में चार महिला समूहों ने मिलकर उपलों की माला बनाने का निर्णय लिया

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