रामलला के विराजमान होने की तारीख के ऐलान के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. यहां सुबह और शाम की पाली में लगातार काम किया जाता है. इसमें लगभग 1,000 मजदूर और कारीगर लगाये गये हैं. प्रभु श्रीराम के मंदिर में योगदान देने वाले मजदूर और कारीगर खुद को भाग्यशाली मानते हैं