च्यवनप्राश का सेवन करके जवान हुए च्यवन ऋषि प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और ज्योतिषाचार्य थे. वे महान् भृगु ऋषि और पुलोमा के पुत्र थे. बताया जाता है कि च्यवन ऋषि ने ही च्यवनप्राश की खोज की थी. उनके ग्रंथों का नाम च्यवनस्मृति और जीवदान तंत्र है.
च्यवनप्राश का सेवन करके जवान हुए च्यवन ऋषि प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और ज्योतिषाचार्य थे. वे महान् भृगु ऋषि और पुलोमा के पुत्र थे. बताया जाता है कि च्यवन ऋषि ने ही च्यवनप्राश की खोज की थी. उनके ग्रंथों का नाम च्यवनस्मृति और जीवदान तंत्र है.
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