सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि शिवसेना (Shiv sena) में मतभेद से उपजा महाराष्ट्र (Maharashtra) के राजनीतिक संकट के बहुत गंभीर परिणाम होंगे और यह फैसले के लिहाज से यह एक कठिन संवैधानिक मुद्दा है. प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि यह मुद्दा केवल अकादमिक कवायद नहीं है.