छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में एक अहम तोहफा मिला है। हाल ही में केंद्र ने राज्य में 278 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। इस रेल परियोजना से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।
इस बारे में जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि “केंद्र सरकार ने प्रदेश के खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा के 278 किलोमीटर के मार्ग में 5वीं और 6वीं लाइन बिछाने के लिए 8741 करोड़ रुपए की परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इससे छत्तीसगढ़ के 8 जिलों को फायदा होगा।”
इसके अलावा रेल मंत्री ने बताया कि हावड़ा मुंबई रूट पर पैसेंजर लोड के कारण ट्रेन बढ़ाने की मांग होती रही है। इससे इस मार्ग पर 8 नहीं ट्रेग चलाई जा सकती हैं और पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी के बीच कंजक्शन पर दबाव शून्य हो जाएगा और वह समय से चल सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के आठ जिलों को सीधे तौर पर पहुंचेगा फायदा
छत्तीसगढ़ के लिए विशेष रूप से स्वीकृत ‘खरसिया-नया रायपुर- परमलकसा 5वीं एवं 6वीं लाइन’ परियोजना से राज्य के औद्योगिक नक्शे में ऐतिहासिक परिवर्तन की संभावनाएं बनेंगी। यह परियोजना बलौदा बाजार जैसे क्षेत्रों को सीधी रेलवे कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे सीमेंट संयंत्रों, इस्पात इकाइयों और अन्य औद्योगिक निवेश के लिए आधारभूत संरचना तैयार होगी।
इस परियोजना पर कुल 8741 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें पांचवीं और छठी लाइन बिछाई जाएंगी। इस नए रेल रूट से छत्तीसगढ़ के आठ जिलों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा। इनमें रायगढ़ (Raigarh), जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa), सक्ती (Sakti), बिलासपुर (Bilaspur), बलौदा बाजार (Baloda Bazar), रायपुर (Raipur), दुर्ग (Durg) और राजनांदगांव (Rajnandgaon) शामिल हैं।