‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इन मुक्त करवाए गए बच्चों की उम्र 13 से 17 साल के बीच है और इनमें से 6 लड़कियां भी शामिल हैं. ये सभी बच्चे उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं और इन सब से जबरन 12-12 घंटे तक काम करवाया जा रहा था. इसके एवज में रोजाना महज 100 रुपये मजदूरी दी जाती थी.