प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए एक लेख लिखा है, जिसका शीर्षक उन्होंने दिया है, ‘मेरे साथ जो हुआ, अल्लाह ने ही मुझे नास्तिक होने की सजा दी’… इस लेख में उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपने साथ हुए एक हादसे और उसके बाद चिकित्सीय गड़बड़ी का जिक्र किया है.